समुद्र का रंग नीले से काला हो चुका था। 'ब्लैक शार्क' बेड़ा (Fleet) पूरी रफ़्तार से 'सी-टेम्पल' (Sea Temple) की ओर बढ़ रहा था। हवा में तूफान की गंध थी और लहरें किसी चेतावनी की तरह जहाज के किनारों से टकरा रही थीं।
कैप्टन ग्रेट टूथ (शार्क-मानव) डेक पर पसीने से तर-बतर था। वह बार-बार पानी की ओर देख रहा था।
"बॉस," कैप्टन ने कांपते हुए विक्रम से कहा। "हम 'निषिद्ध क्षेत्र' (Forbidden Zone) में प्रवेश कर चुके हैं। यहाँ का पानी... यहाँ का पानी जीवित है। हमें वापस मुड़ जाना चाहिए!"
विक्रम, जो जहाज के सबसे अगले हिस्से (Prow) पर बैठा अपना त्रिशूल साफ कर रहा था, उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
"मुड़ना?" विक्रम ने हल्के से कहा। "मेरे शब्दकोश में यह शब्द नहीं है। और डरो मत, अगर मौत आई, तो मैं उसे भी मार दूँगा।"
तभी, समुद्र अचानक शांत हो गया। बिल्कुल शांत। जैसे किसी ने साँस रोक ली हो।
एलारा ने अपना धनुष कस लिया। "मास्टर... नीचे कुछ है। कुछ बहुत बड़ा।"
ध्रूम...
पानी के नीचे से एक गहरी, गड़गड़ाहट भरी आवाज़ आई जो हड्डियों को कंपा देने वाली थी।
अचानक, बेड़े के बाईं ओर एक विशालकाय पानी का पहाड़ उठा।
स्प्लैश!
एक टेंटेकल (Tentacle), जो किसी गगनचुंबी इमारत जितना मोटा था, पानी से बाहर निकला। उसने एक समुद्री लुटेरे के जहाज को लपेटा और उसे माचिस की डिब्बी की तरह तोड़ दिया।
"आह्ह्ह्ह!" लुटेरों की चीखें समुद्र में डूब गईं।
"वह आ गया! महान क्रैकन (Great Kraken)!" कैप्टन ग्रेट टूथ घुटनों के बल गिर पड़ा। "हम सब मरने वाले हैं! यह समुद्र का यमराज है!"
सामने समुद्र फट गया। एक विशालकाय सिर, जिस पर सैकड़ों पीली आँखें थीं, पानी से बाहर आया। यह जीव इतना बड़ा था कि विक्रम का मुख्य जहाज (Flagship) उसके सामने एक खिलौना लग रहा था।
[चेतावनी: एबिसल लेविथन (Abyssal Leviathan) - महान क्रैकन]
[स्तर: डायमंड (बॉस)]
[विवरण: सी-टेम्पल का रक्षक। यह पूरे बेड़े को एक बार में निगल सकता है।]
क्रैकन ने एक भयानक दहाड़ मारी। उसकी आवाज़ से ही कई लुटेरों के कान के पर्दे फट गए। उसने अपने दस टेंटेकल्स उठाए और मुख्य जहाज पर हमला करने के लिए तैयार हुआ।
पानी के नीचे का तांडव (Undersea Rampage)
लुटेरे अपनी तोपें दाग रहे थे, लेकिन गोले क्रैकन की मोटी चमड़ी से टकराकर बेकार हो रहे थे।
"यह अंत है!" फर्स्ट मेट चिल्लाया।
"शांत रहो," एक आवाज़ गूंजी।
विक्रम खड़ा हो गया। उसने अपना 'ओशियन गॉड ट्राइडेंट' (Ocean God Trident) उठाया।
"तुम लोग जहाज संभालो," विक्रम ने कहा। "मैं इस ऑक्टोपस को संभालता हूँ।"
और फिर, विक्रम ने वह किया जो कोई सोच भी नहीं सकता था।
उसने समुद्र में छलांग लगा दी।
"बॉस! नहीं!" कैप्टन चिल्लाया। "पानी में वह अजेय है!"
विक्रम पानी के अंदर गया। जैसे ही वह डूबा, त्रिशूल चमकने लगा। विक्रम के चारों ओर एक हवा का बुलबुला बन गया। उसे पानी में कोई रुकावट महसूस नहीं हो रही थी; बल्कि, उसे लगा जैसे वह घर आ गया हो।
सामने क्रैकन था। पानी के अंदर वह और भी विशाल और डरावना लग रहा था।
क्रैकन ने विक्रम को देखा—एक छोटा सा कीड़ा। उसने उसे कुचलने के लिए अपना टेंटेकल भेजा।
विक्रम मुस्कुराया।
"ओशियन गॉड आर्ट: हाइड्रो-ब्लास्ट (Hydro-Blast)!"
विक्रम ने त्रिशूल को आगे किया। पानी की एक सघन (Condensed) बीम निकली और टेंटेकल से टकराई।
बूम!
क्रैकन का विशाल टेंटेकल बीच से फट गया। नीला खून समुद्र में फैल गया।
क्रैकन दर्द से पागल हो गया। उसने विक्रम को चारों तरफ से घेरने के लिए अपने बाकी नौ टेंटेकल्स भेजे।
विक्रम पानी में 'फैंटम स्टेप्स' का उपयोग कर रहा था। वह एक मछली से भी तेज़ था।
"तुम बड़े हो," विक्रम ने क्रैकन की एक पीली आँख के सामने तैरते हुए कहा। "लेकिन तुम सिर्फ मांस के पहाड़ हो।"
विक्रम ने त्रिशूल में 'वॉयड' (Void) और 'हाइड्रा का जहर' (Poison) डाल दिया।
"वॉयड-पॉयजन थ्रस्ट (Void-Poison Thrust)!"
उसने त्रिशूल को पूरी ताकत से क्रैकन की आँख में घोंप दिया।
स्क्रीच! (Screech!)
क्रैकन की चीख पानी के अंदर एक सोनिक बूम (Sonic Boom) बन गई। जहर उसकी नसों में दौड़ गया, उसके शरीर को अंदर से गलाने लगा। वॉयड एनर्जी उसकी जीवन शक्ति को चूसने लगी।
क्रैकन, जो सदियों से समुद्र का राजा था, पहली बार डर गया। वह पीछे हटने की कोशिश करने लगा।
"कहाँ जा रहे हो?" विक्रम ने त्रिशूल के जरिए क्रैकन को पकड़ लिया। "मैंने तुम्हें जाने की अनुमति नहीं दी।"
विक्रम की आँखों में बैंगनी चमक आ गई। 'आत्मा जीन' (Soul Gene) सक्रिय हो गया।
"झुको! (Submit!)"
विक्रम की इच्छाशक्ति (Willpower) किसी देवता के हथौड़े की तरह क्रैकन के दिमाग पर पड़ी।
क्रैकन तड़पा, उसने विरोध किया, लेकिन विक्रम की 'ओरिजिन गॉड' की आभा (Aura) और त्रिशूल की शक्ति बहुत भारी थी।
धीरे-धीरे... क्रैकन शांत हो गया। उसकी सैकड़ों आँखें झुक गईं।
नया पालतू (The New Pet)
समुद्र की सतह पर, लुटेरे अपनी सांसें रोके इंतज़ार कर रहे थे। पानी खून से लाल हो गया था और अब सब कुछ शांत था।
"वह मर गया होगा," फर्स्ट मेट ने सिर हिलाया। "किसी ने क्रैकन को हराकर आज तक—"
अचानक, पानी उफनने लगा।
क्रैकन का विशालकाय सिर पानी से बाहर आया।
लुटेरे चीखे और अपनी बंदूकें तान दीं। "फायर!"
"रुको!" कैप्टन ग्रेट टूथ चिल्लाया। "देखो! उसके सिर पर!"
क्रैकन के विशालकाय सिर के ऊपर... विक्रम खड़ा था। वह अपने त्रिशूल के सहारे खड़ा था, जैसे कोई राजा अपने सिंहासन पर हो।
क्रैकन अब हमला नहीं कर रहा था। वह विक्रम को ले जा रहा था। वह एक सवारी बन चुका था।
सन्नाटा। पूर्ण सन्नाटा।
लुटेरों की आँखें फटी रह गईं। "उसने... उसने क्रैकन को पालतू बना लिया?"
विक्रम ने हाथ हिलाया। "रास्ता साफ़ है। मेरे पीछे आओ।"
क्रैकन ने दहाड़ मारी (अब विक्रम के आदेश पर) और आगे तैरने लगा, उसके पीछे लुटेरों का पूरा बेड़ा चल रहा था। अब उन्हें किसी का डर नहीं था। उनके बॉस ने समुद्र के यमराज को अपना कुत्ता बना लिया था।
[उपलब्धि: महासागर का अधिपति (Overlord of the Ocean)]
[प्रतिष्ठा (Reputation): +10,000]
[अब समुद्र के सभी जीव आपसे डरेंगे।]
सी-टेम्पल का द्वार (The Gates of the Sea Temple)
एक घंटे बाद, वे अपनी मंजिल पर थे।
'सी-टेम्पल' एक अद्भुत नज़ारा था। यह सफेद मूंगा (Coral) और नीले क्रिस्टल से बना एक विशाल किला था। इसके चारों ओर जादुई बैरियर लगा हुआ था।
मंदिर के मुख्य द्वार पर हज़ारों 'शार्क-गार्ड्स' और 'मर्मेड वॉरियर्स' (Mermaid Warriors) तैनात थे।
मंदिर के सबसे ऊंचे चबूतरे पर, एक वेदी (Altar) सजी थी। वहां जंजीरों में जकड़ी हुई एक लड़की थी। उसने सफेद रेशमी वस्त्र पहने थे।
वह मीरा थी।
उसके सामने मुख्य पुजारिन काल्या खड़ी थी, जिसके हाथ में एक काला खंजर था। रस्म शुरू होने वाली थी।
"महान जल-देवता!" काल्या चिल्लाई। "हम आपको यह पवित्र रक्त अर्पित करते हैं!"
वह खंजर नीचे लाने ही वाली थी कि...
बूम!
मंदिर का जादुई बैरियर कांपने लगा।
काल्या ने मुड़कर देखा। उसकी आँखें फैल गईं।
समुद्र से महान क्रैकन बाहर निकल रहा था। और उसके सिर पर खड़ा एक आदमी चिल्ला रहा था, जिसकी आवाज़ में इतनी ताकत थी कि मंदिर के खंभे हिल गए।
"काल्या! अगर उस खंजर ने उसकी त्वचा को भी छुआ... तो मैं इस पूरे समुद्र को तुम्हारे खून से रंग दूँगा!"
विक्रम आ गया था। और वह अकेले नहीं, एक पूरी सेना और एक दैत्य के साथ आया था।
मीरा ने धीरे से अपनी आँखें खोलीं। उसकी याददाश्त अभी भी धुंधली थी, लेकिन उस आवाज़ को सुनकर... उसके दिल में कुछ धड़का। "स्वामी?"
