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UNTitled,RAJ_KUMARI_62571769428205 gao ki haba or sapna ka bacpn

RAJ_KUMARI_6257
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Synopsis
सपना बचपन से ही जिज्ञासु थी। वह जब गाँव के सरकारी स्कूल जाती, तो रास्ते में मिलने वाले पेड़-पौधों, पक्षियों और गाँव के हर छोटे-बड़े दृश्य को ध्यान से देखती। स्कूल में भी वह सबसे होनहार छात्रा थी। उसे विज्ञान और गणित में बहुत रुचि थी। वह अक्सर रात को दीये की रोशनी में तारों को देखती और सोचती कि क्या कभी वह भी उन तारों की तरह आसमान में ऊँचा उड़ पाएगी? गाँव के स्कूल में कक्षा 8 तक ही पढ़ाई थी। उसके बाद लड़कियों को पढ़ाना मतलब गाँव वालों के हिसाब से "बेवजह की ज़िद" थी। सपना जब 8वीं पास हुई, तो कमला ने फिर से उसे घर में बिठाने की बात कही। रामदीन ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी जमीन का एक छोटा हिस्सा बेचकर शहर के स्कूल में सपना का दाखिला कराया। यह निर्णय गाँव के लिए एक बड़ी बात थी, और सपना के लिए एक नई शुरुआत। शहर की चुनौतियां और सपनों का संघर्ष शहर का माहौल गाँव से बिल्कुल अलग था। जहाँ गाँव में हर कोई एक-दूसरे को जानता था, वहीं शहर में सन्नाटा और भीड़भाड़ थी। सपना के स्कूल में लड़कियाँ फैशनेबल थीं, उनके पास बड़ी किताबें थीं, और सबसे ज़रूरी, वे अंग्रेज़ी में बात करती थीं। सपना के पास केवल एक ही यूनिफॉर्म थी, और उसकी अंग्रेज़ी कच्ची थी। शुरुआती दिनों में, उसे बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई। जब वह कक्षा में हिंदी में बोलती, तो कुछ लड़कियाँ हँसतीं। एक दिन, क्लास टेस्ट में उसके गणित में पूरे नंबर आए, लेकिन उसकी अंग्रेज़ी कमजोर होने के कारण टीचर ने उसे डांट दिया। उस दिन वह बहुत रोई और घर आकर कहा, "पिताजी, मैं स्कूल नहीं जाऊँगी। वहां सब मेरा मज़ाक
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Chapter 1 - गाँव की हवा और सपना का बचपन!l

सपना बचपन से ही जिज्ञासु थी। वह जब गाँव के सरकारी स्कूल जाती,l तो रास्ते में मिलने वालlे पेड़-पौधों, पक्षियों और गाँव के हर छोटे-बड़े दृश्य को ध्यान से देखती। स्कूल में भी वह lसबसे होनहार छात्रा थी। उसे विज्ञान और गणित में बहुत रुचि थी। वह अक्सर रात को दीये की रोशनी lमें तारों को देखती और सोचती कि क्या कभीl वह भी उन तारों की तरह आसमान में ऊँचा उड़ पाएगी,l

गाँव के स्कूल में कक्षा 8 तक ही पढ़ाई थी। उसके बाद लड़कियों को पढ़ाना मतलबl गाँव वालों केl lहिसाब से "बेवजह की ज़िद" थी। सपना जब l8वीं पास हुई, तो कमला ने फिर से उसे घर में lबिठाने की बात कही। रामदीन ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी जमीन का एक छोटा हिस्सा lबेचकर शहर के स्कूल में सपना का दाखिला lllकराया। यह निर्णय गाँव के लिए एक बड़ी बात थlी, और सपना के लिए एक नई शुरुआत।

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Story ,bataye kise. Lage hamai yha new story aclhil lage to like ❤️‍🩹 comment 💬 share 💭,bhi kare lplease 🥺 support me guys are you 🧿 ✨ 👀 support me 🫂,

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