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जिंदगी की कश्म कश

Ahir2006
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Synopsis
मेरा नाम ध्वनि है मेरी उम्र अभी 19 साल है मैं कॉलेज के फर्स्ट ईयर में थी। जब मैं अपना होश संभाला तो मुझे पता चलना ना मेरी मां है ना नहीं मेरे पिताहै । अनाथ आश्रम की वार्डन बहुत ही ज्यादा स्ट्रेट थी। मैं हमेशा परेशानी नहीं देखी। जैसे-जैसे मेरा जीवन आगे का अब मैं कॉलेज जाने लगी तो कॉलेज के फर्स्ट ईयर में ही थी उसे समय मुझे एक इंसान से प्यार हो गया। जो मुझसे उम्र में तो पड़े थे लेकिन मेरी बातों को समझतेथे। मैंने अपना जीवन उनके साथ जीने के सपने देखे थे। वैसे तो मैंने अपना कॉलेज फैंसी -वेब से करवा रखा था जिसके कारण मुझे हफ्ते में कुछ दिन कॉलेज जाना पड़ता था कॉलेज में मेरा झगड़ा मेरे सीनियर से हुआ तब बात इतनी आगे बढ़ गई थी क्योंकि पेरेंट्स को बुलाना पड़ा मेरे तो पेरेंट्स से नहीं थे मेरे सीनियर है जिसका नाम रोशन था उसके बड़े भाई ने बात आगे नहीं बढ़ानी थी जिसके कारण हम आगे बात करने लग गए मुझे नहीं पता था कि वही इंसान मेरे साथ इतना गलत करेगा। उसने मेरे साथ इतनी प्यारी प्यारी बातें कि मैं उसके साथ अच्छा महसूस करने लग गई अपना सारा सुख दुख को सही बताती। स्काइप होटल था उसने कहा कि मैं यहां पर पार्ट टाइम जॉब करसकती हूं। मैं वहां जॉब करने लग गई एक दिन शशांक के दोस्तों ने मुझे बहुत ज्यादा ड्रिंक कर दिया रिंग में ड्रग्स भी थे मुझे इस बात का नहीं पता था और जो मेरे साथ हुआ उसके बाद तो मैं क्या ही बताऊं मैंने अपने आप को एक सुनसान जंगल में पाया दिल्ली से मैं सीधा देहरादून कैसे पहुंच गई किसने किया मेरा रेप बात को मुझे जानना है एक मजबूरी के कारण मुझे शादी करनी पड़ेगी अपने ही रेपिस्ट से। क्या यह मेरे साथ ऐसा गलत हुआ है या मेरे जैसे और भी लोग हैं जिनके साथ ऐसा हुआ है
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Chapter 1 - अध्याय 1, कौन हो तुम

मैंने अपनी आंखें धीरे-धीरे खोली , मुझे कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा होता है मैं उठने की कोशिश करती हूं मेरे पूरे शरीर में एक दर्द की लहर उठ जाती है मैं कोशिश कर रही थी बैठने की ,तभी मेरे सर में बहुत तेज से दर्द होता है । यह कैसा दर्द है मैं अपने आप से ही सवाल करती हूं फिर मैं अपनी आंखें पूरी तरह से खोलती हूं मैं देखती हूं कि मैं तो जमीन पर पड़ी हूं मेरी शरीर पर इतने कम कपड़े कैसे हैं मेरे साथ क्या हुआ मेरे साथ क्या हुआ, मैं अपने आप से ही बस पर सवाल कर रही थी मेरा मन बहुत ज्यादा घबरा जाता है मैं अपने हाथों पैरों को देखती हूं जिस पर बहुत सारे जख्म होते हैं मेरे दिल में डर की लहर दौड़ जाती है क्या हुआ आखिर क्या हुआ मेरे साथ, कहीं मैं जो सोच रही हूं वह तो नहीं है मेरा सीना ऊपर नीचे होने लग जाता है मेरी सांसे अटक जाती है मेरे आंखों से आंसू अपने आप बाहर आ जाते हैं कहीं किसी ने मेरा रेप तो नहीं कर दिया । नहीं ऐसा नहीं हो सकता ऐसा नहीं हो सकता। मैं जोर-जोर से चिल्लाने लगती है। आसपास जाती है ,वह देखी है की फटी हुई सी शर्ट उसके बगल में पड़ी होती है वह शर्ट उठा के फटाफट अपने बदन को ढकने लगती है क्योंकि उसके शरीर पर सिर्फ नाम मात्र के लिए कपड़े थे उसके शरीर पर फटी हुई ब्रा और एक पेटी होती है वह फटाफट उस शर्ट के बटन लगाने लगते हैं, जब वह शर्ट पहनती है तो उसको अंदाजा हो जाता है कि जिसने भी उसके साथ गलत किय। यह कपड़े उसी के हैं क्योंकि जब वह शर्ट पहन कर खड़ी होती हैं तो वह शर्ट उसके घुटनों से थोड़े ही ऊपर होती हैं । झाड़ियां के बीच साइड में ही उसकी एक स्कर्ट पड़ी होती है । वह फटाफट उस स्कर्ट को पहनती है।

अब रोते-रोते हैं मेरी सांसे भी अटकने लग जाती। आंखों से आंसू जैसे निकालना ही बंद हो गए थे कम से कम आधे घंटे तक वह वहीं बैठे रो रही थी। ध्वनि तुम ऐसे हर नहीं मान सकती हो। अपने आप से ही कह रहती थी । मैं कमजोर नहीं पढ़ सकती रोते-रोते वह अपने आप से खुद ही कह रही होती है और खड़े होने की कोशिश कर रही होती है उसके पूरे शरीर में दर्द हो रहा होता है । चारों तरफ देखती हैं की बहुत बड़े-बड़े पेड़ हैं बहुत ही बड़े-बड़े। उससे थोड़ा-थोड़ा अंदाजा हो रहा था या तो यह कोई जंगल है , नहीं तो हाईवे के आसपास का सुनसान इलाका है। उसे तकरीबन एक घंटा हो जाता है वह थोड़ी ही दूर पहुंची थी । उसे किसी का फोन नीचे जमीन पर गिरा दिखाई देता है।

वह फटाफट उस फोन की तरफ भागती है और उसे अपने हाथों से उठा लेती है, वह फोन को ऑन करती है तो फोन पर एक इंसान की वॉलपेपर पर फोटो होती है। वह देखते हैं कि वह बहुत ही ज्यादा हैंडसम है। पर जैसे उसके हाथ में फोन होता है ना वह समझ जाती है जिसे उसके साथ यह गलत किया ना उसी का फोन है। कई बार उस फोन के लॉक को खोलने की कोशिश करती है चलते-चलते। चलते-चलते उसका पर एक पत्थर से टकरा जाता है टकराने के कारण और ध्यान फोन पर होने के कारण वह अपने आप को संभाल नहीं पाती है और बगल गधे की तरह गिरते चली जाती है उसकी बहुत तेज आवाज आती है। आप मुझे दर्द। जो वह गिर के नीचे पहुंचती है तो एक शरीर से टकरा जाती है वह फटाफट उल्टी की कोशिश करती है। ओ माय गॉड आखिर यह कौन है उसका चेहरा देखती हूं मैं अपने धीरे कदमों से उसकी तरफ आगे पड़ती हूं पर मैं जब उसका चेहरा देखती हूं तो जो आदमी फोन में दिख रहा है सामने आदमी है दोनों बिल्कुल ही अलग-अलग हैं और इसमें सिर्फ अंडरगारमेंट्स क्यों पहने हैं, कहीं यह ह**** हरमी तो नहीं है जिसने मेरे साथ यह सब किया, पर इसके शरीर पर तो इतने सारे जग में जैसे लग रहे इसे किसी ने बहुत मारा है यह तो ऐसा शायद नहीं कर सकता और इसके आसपास इतना सारा खून भी गिरा हुआ है पहले मैं इसकी सांसे देखती हूं वह चल भी रही है या नहीं, सांस तो इसकी चल रही हैं पर इसका शरीर बहुत ज्यादा ठंड है, मैं इस फोन में इसकी फोटोस क्लिक कर लेती हूं वह फोन को ऑन करती है और साइड में का आइकन दिखाई देता है कमरे का बहुत सही फटाफट फोटोस की जानकारी है

मुझे सबसे पहले अपनी सुरक्षा के लिए कुछ ना कुछ तो हथियार रखना चाहिए इन झाड़ियां में सुखी लड़कियां है ।

मैं सबसे पहले इस झाड़ी में से एक अच्छा सा मोटा डंडा ले लेती हूं

मुझे यहां ज्यादा देर नहीं रुकना चाहिए । और मुझे घर भी जाना है। मुझे अपने से चलना चाहिए। कुछ समय बाद मैं कितनी देर से चल रही हूं अब तो मैं हपने लग गई हूं। तकरीबनों से एक घंटा हो गया था चलते चलते। शरीर में इतना दर्द और भूख के मारे वह मानो वह बेहोशी होने वाली थी। उसे थोड़ी ही दूरी पर एक सड़क दिखाई देती है। दूर से एक बाइक आ रही होती है ध्वनि तुम कर सकती हो क्या आप मुझे सुन पा रहे हैं क्या आप मुझे सुन पा रहे हैं मैं इधर हूं मेरे लिए रुकिए। प्लीज रुक जाओ , पर वह बाइक अपनी फुल स्पीड से बहुत दूर निकल जाती है। अब मैं सड़क पर आ गई हूं कहते-कहते वह रोड पर ही बेहोश हो जाती है। कुछ देर बाद एक बहुत महंगी स्वीकार अपनी फुल स्पीड में चल ही रही होती है तभी उसके ड्राइवर ने तेज से ब्रेक लगाया। सुरेश तुम्हें इतनी तेज ब्रेक क्यों लगाया। आज क्या तुम मुझे मार डालोगे, सॉरी बड़ी मैंम पर आगे एक लड़की बेहोश पड़ी है, अच्छा आगे जाकर देखो क्या हुआ है, ड्राइवर सुरेश कर का दरवाजा खोलकर ध्वनि को देखने के लिए आगे बढ़ता है वह उसको देखा है कि उसके चेहरे पर बहुत सारे चोट लगे हैं और उसके कपड़े अस्त व्यस्त हैं। सुरेश भाग कर घर के पास जाता है बड़ी मैंम आगे जो लड़की सड़क पर पड़ी है वह लगता है बेहोश है लगता उसने कुछ खाया पिया नहीं और उसके साथ कुछ गलत हुआ है ऐसा मुझे देखने से लग रहा है। इरावती देहरादून की एक बेहद ही फेमस पॉलीटिशियन है। कह सकते हैं कि इरावती का परिवार देहरादून के प्रतिष्ठित परिवारों में से एक है

जिसकी मुखिया अभी इरावती हैं

इनकी उम्र 73 वर्ष है

बेशक उनकी उम्र 73 वर्ष है लेकिन उन्होंने अपने आप को इतना मेंटेन रख रखा है कि अभी भी वो 50 60 के आसपास दिखती हैं। इरावती जी के कपड़े दिखने में साधारण दिखते हो पर उनके कपड़े की कीमत लाखों में होते हैं । इरावती फाइल्स को नीचे रखती है कर से नीचे उतरती है और ध्वनि को पास जाकर उसे देखते हैं। अगर क्या गलत हुआ होगा इस लड़की के साथ , सुरेश फाइल्स को कर में आगे रख दो सीट पर और इस लड़की को उठाने में मदद करो। जी मैं , इरावती और सुरेश दोनों ध्वनि को संभाल कर उठाकर कर में पीछे वाली सीट पर लेट देते हैं

कर के दोनों तरफ का दरवाजा बंद होता है इरावती आगे बैठ जाती है