Cherreads

Chapter 1 - Meri Zindagi part 10

उस रात की सच्चाई

जैसे ही वह आदमी कोहरे में गायब हुआ,

हम सब कुछ पल के लिए जड़ हो गए।

किसी की भी हिम्मत नहीं हो रही थी कुछ बोलने की।

मेरे दोस्त प्रियांशु ने धीरे से कहा,

"तुम लोगों ने देखा…? वो आदमी सच में गायब हो गया…"

हम सब बहुत डर चुके थे।

हमने तय किया कि अब हमें इस जगह से तुरंत निकल जाना चाहिए।

हम सब जल्दी-जल्दी वापस सड़क की तरफ जाने लगे।

लेकिन मेरे मन में अभी भी एक सवाल घूम रहा था —

उस आदमी के साथ आखिर हुआ क्या था?

उस दिन के बाद हम कुछ दिनों तक उस रास्ते पर नहीं गए।

लेकिन एक दिन मैंने तय किया कि

मुझे इस रहस्य का सच पता करना ही होगा।

मैं अकेले ही उस पुराने सरकारी स्कूल की तरफ गया।

स्कूल बहुत पुराना और टूटा हुआ था।

चारों तरफ सन्नाटा था।

मैं धीरे-धीरे अंदर गया।

स्कूल के एक कमरे की दीवार पर मुझे

पुराना अख़बार का एक फटा हुआ टुकड़ा चिपका हुआ मिला।

मैंने उसे ध्यान से पढ़ा।

उसमें लिखा था —

कई साल पहले इस रास्ते के पास

एक चाय की टपरी वाले आदमी की रहस्यमय मौत हो गई थी।

लोगों का कहना था कि

उस रात घना कोहरा था…

और उसके बाद से कई लोगों ने

कोहरे में उस आदमी को देखने की बात कही थी।

यह पढ़कर मेरे शरीर में सिहरन दौड़ गई।

क्योंकि अब मुझे समझ आ गया था कि

जिस आदमी से हम मिले थे…

वह शायद इस दुनिया का नहीं था।

मैं जल्दी से स्कूल से बाहर निकल आया।

लेकिन जैसे ही मैं बाहर आया…

मुझे फिर से वही कपों की टकराने की आवाज़ सुनाई दी।

मैंने डरते हुए पीछे मुड़कर देखा…

और दूर कोहरे में

फिर वही चाय की टपरी दिखाई दे रही थी…

और टपरी के सामने खड़ा वह आदमी

धीरे से मेरी तरफ देख रहा था…

जैसे वह कह रहा हो —

"मैं अभी भी यहीं हूँ…" 👻 please comment karna na bhule

More Chapters