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Chapter 42 - अध्याय 42: मौत का कमरा और झाड़ू लगाता भूत

ब्लैक-मून एकेडमी का परिसर विशाल था। काले पत्थर की इमारतें हवा में तैर रही थीं और उनके बीच नीले रंग के ऊर्जा-पुल (Energy Bridges) बने हुए थे। यहाँ की हवा में जीन शक्ति की गंध थी।

​लेकिन विक्रम के आगमन ने एक हलचल मचा दी थी। 'टेस्टिंग स्टोन' को तोड़ने वाले नवागंतुक की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई थी।

​रजिस्ट्रेशन डेस्क पर बैठा एक पतला, धूर्त दिखने वाला अधिकारी, जिसका नाम 'इंस्ट्रक्टर वोल्फ' था, विक्रम को घूर रहा था। उसे सिटी लॉर्ड आर्गोस का गुप्त संदेश मिल चुका था: "लड़के का जीवन नर्क बना दो।"

​"हम्म," वोल्फ ने चालाकी से मुस्कुराते हुए कहा। "तो तुम ही वो हो जिसने पत्थर तोड़ा? ताकतवर हो, लेकिन अनुशासनहीन।"

​उसने एक जंग लगी हुई, पुरानी चाबी मेज पर फेंकी।

​"चूंकि एस-क्लास डॉर्मिटरी पूरी तरह भरी हुई है, हम तुम्हें 'विशेष वीआईपी सुइट' दे रहे हैं। कमरा नंबर 404। यह सबसे अलग और शांत है।"

​जैसे ही उसने '404' कहा, लाइन में खड़े बाकी छात्रों के चेहरे का रंग उड़ गया। फुसफुसाहट शुरू हो गई।

​"404? क्या इंस्ट्रक्टर पागल हो गए हैं?"

"वह 'मौत का कमरा' है! पिछले साल वहां तीन छात्र पागल हो गए थे और दो गायब हो गए थे।"

"सिटी लॉर्ड इसे जिंदा नहीं छोड़ना चाहते।"

​एलारा ने उन आवाज़ों को सुन लिया। उसने विक्रम की आस्तीन खींची। "मास्टर, यहाँ कुछ गड़बड़ है। मुझे उस चाबी से 'काली ऊर्जा' महसूस हो रही है।"

​विक्रम ने चाबी उठाई। उसे डर नहीं, बल्कि हंसी आ रही थी। "शापित कमरा? शायद वहां मुझे थोड़ी शांति मिले।"

​सीनियर का स्वागत (The Senior's Welcome)

​वे डॉर्मिटरी की ओर जा रहे थे, तभी पांच वरिष्ठ छात्रों (Seniors) ने उनका रास्ता रोक लिया।

​उनके बीच में एक लंबा लड़का खड़ा था, जिसके बाल लाल थे और उसने एकेडमी की 'डिसिप्लिनरी कमेटी' (अनुशासन समिति) का आर्मबैंड पहना हुआ था। यह जैक्स (Jax) था, ड्रैको का चचेरा भाई और एकेडमी का टॉप-10 फाइटर।

​"रुको," जैक्स ने विक्रम के सीने पर उंगली रखी। "नियम पता हैं, न्यूबी (Newbie)? नए छात्रों को सीनियर को 'सम्मान शुल्क' (Protection Money) देना पड़ता है।"

​उसकी नज़र एलारा पर पड़ी। उसकी आँखों में हवस की चमक आ गई।

​"वाह," जैक्स ने सीटी बजाई। "क्या माल है। पैसे नहीं हैं तो कोई बात नहीं। इस एल्फ को आज रात मेरे कमरे में भेज दो। मैं तुम्हारा शुल्क माफ कर दूंगा।"

​उसके पीछे खड़े गुंडे जोर से हंसने लगे। एलारा ने गुस्से में अपनी मुट्ठी भींची, लेकिन विक्रम ने उसे रोक दिया।

​विक्रम ने जैक्स की उंगली को देखा जो अभी भी उसके सीने पर थी।

​"तुम्हें अपनी उंगली प्यारी नहीं है?" विक्रम ने बहुत ही शांत स्वर में पूछा।

​जैक्स हंसा। "क्या कहा तूने? मैं तुझे—"

​कड़क!

​बात पूरी होने से पहले ही, विक्रम ने जैक्स की उंगली पकड़कर उसे उल्टी दिशा में मरोड़ दिया। हड्डी टूटने की आवाज़ किसी सूखी लकड़ी के टूटने जैसी थी।

​"आह्ह्ह्ह्ह!" जैक्स घुटनों के बल गिर पड़ा। दर्द इतना भयानक था कि उसकी आँखों से आंसू निकल आए।

​"तुमने मेरी उंगली तोड़ी!" जैक्स चिल्लाया। "मारो इसे!"

​बाकी चार सीनियर विक्रम पर झपटे।

​विक्रम ने अपनी जगह से पैर भी नहीं हिलाया। उसने बस... थप्पड़ मारे।

​चटाक! चटाक! चटाक! चटाक!

​यह इतनी तेजी से हुआ कि किसी को हाथ हिलते हुए भी नहीं दिखा। चारों सीनियर हवा में उड़ते हुए दूर जा गिरे। उनके गाल सूजकर टमाटर जैसे हो गए थे और दांत जमीन पर बिखर गए थे।

​विक्रम ने जैक्स के बालों को पकड़ा और उसका चेहरा ऊपर उठाया।

​"सुनो, लाल बालों वाले बंदर," विक्रम ने ठंडे स्वर में कहा। "आज के बाद अगर तुम या तुम्हारे भाई ड्रैको मेरे रास्ते में आए, तो अगली बार उंगली नहीं, गर्दन टूटेगी। समझ गए?"

​जैक्स ने डर के मारे सिर हिलाया। उसने अपनी जिंदगी में इतनी भयानक 'हत्यारा आभा' (Killing Aura) कभी महसूस नहीं की थी।

​विक्रम ने उसे कचरे की तरह फेंक दिया और एलारा का हाथ पकड़कर आगे बढ़ गया।

​"चलो एलारा, मुझे देखना है कि हमारा नया कमरा कितना 'डरावना' है।"

​कमरा नंबर 404: भूतों का दरबार (Room 404: The Court of Ghosts)

​डॉर्मिटरी के सबसे आखिरी कोने में, एक भारी लकड़ी का दरवाजा था जिस पर सील लगी हुई थी। दरवाजा खोलते ही, अंदर से सड़े हुए मांस की बदबू और बर्फीली हवा का झोंका आया।

​अंदर अंधेरा था। दीवारों से खून जैसा लाल तरल टपक रहा था। फर्श पर अजीब से निशान बने थे।

​जैसे ही विक्रम और एलारा अंदर घुसे, दरवाजा अपने आप जोर से बंद हो गया।

​धड़ाम!

​"भागो... यहाँ से भागो..."

​हवा में डरावनी आवाज़ें गूंजने लगीं। कमरे के बीचोबीच एक धुंधला सा साया (Shadow Spirit) प्रकट हुआ। इसकी आँखें नहीं थीं, सिर्फ एक बड़ा सा, फटा हुआ मुंह था।

​यह एक '怨靈' (Vengeful Spirit - प्रतिशोधी आत्मा) था, जो मरे हुए छात्रों के डर और गुस्से से बना था।

​एलारा ने अपना खंजर निकाल लिया। "मास्टर, यह आत्मा हमले के लिए तैयार है!"

​साया बड़ा होता गया और एक राक्षस का रूप लेने लगा। "मेरा क्षेत्र... मेरी दुनिया... मर जाओ!"

​वह विक्रम को निगलने के लिए झपटा।

​आम तौर पर, कोई भी छात्र डर के मारे बेहोश हो जाता। लेकिन विक्रम ने बस एक उबासी (Yawn) ली।

​"शोर मत करो," विक्रम ने कहा।

​उसने अपने सीने में मौजूद 'पांचवें जीन' (आत्मा जीन) और 'सोल ईटर' की शक्ति को थोड़ा सा लीक किया।

​अचानक, कमरे का तापमान बदल गया। विक्रम के पीछे एक विशालकाय, अंधेरे राजा की परछाई (Avatar) बन गई। यह 'पाताल लोक के राजा' की उपस्थिति थी।

​वह भूतिया साया, जो अभी हमला करने वाला था, हवा में ही जम गया। उसे लगा जैसे वह एक चींटी है जो डायनासोर को डराने की कोशिश कर रही हो।

​"म... म... महाराज?" साया कांपने लगा (अगर आत्माएं कांप सकतीं)। वह तुरंत ज़मीन पर लेट गया और विक्रम को दंडवत प्रणाम (Kowtow) करने लगा।

​"माफ़ करें! मुझे नहीं पता था कि आप 'मौत के देवता' हैं! मुझे मत खाइए! मैं कड़वा हूँ! मेरा स्वाद अच्छा नहीं है!"

​तभी, विक्रम के कंधे पर बैठा 'वॉयड-ग्लटन बीस्ट' (छोटा पेट) जाग गया। उसने भूत को देखा और अपनी जीभ लपलपाई।

​"म्याऊ!" (खाना!)

​भूत की हवा निकल गई। वह कोने में दुबक गया। "नहीं! प्लीज! मैं कुछ भी करूँगा!"

​विक्रम ने कमरे की गंदगी को देखा—खून, धूल, जाले।

​"कुछ भी?" विक्रम कुर्सी पर बैठ गया (जो उसने साफ कर दी थी)। "ठीक है। अगर तुम जिंदा रहना चाहते हो, तो इस कमरे को साफ करो। मुझे एक भी धूल का कण नहीं दिखना चाहिए। और हां, मेरे लिए चाय बनाओ।"

​"जी! अभी, मालिक!"

​अगले 10 मिनट का नज़ारा देखने लायक था। वह भयानक 'प्रतिशोधी आत्मा', जिसने दर्जनों छात्रों को पागल किया था, अब पागलों की तरह फर्श पर पोछा लगा रही थी, जाले हटा रही थी और अपनी ठंडी ऊर्जा से हवा को 'एयर कंडीशन' कर रही थी।

​एलारा यह सब देखकर अपनी हंसी नहीं रोक पाई। "मास्टर, आप तो भूतों को भी काम पर लगा देते हैं।"

​आधी रात का आगंतुक (The Midnight Visitor)

​कमरा अब चमक रहा था। भूत (जिसका नाम विक्रम ने 'कैस्पर' रख दिया था) दरवाजे पर पहरा दे रहा था।

​विक्रम बिस्तर पर लेटा था, लेकिन उसे नींद नहीं आ रही थी। वह उस 'काले अंडे' के बारे में सोच रहा था जिससे उसका पेट निकला था, और 'तीसरे अभयारण्य' के बारे में।

​तभी, खिड़की पर एक हल्की सी खटखट हुई।

​यह कोई हमला नहीं था। यह एक संदेश था।

​एक छोटा सा यांत्रिक पक्षी (Mechanical Bird) खिड़की से अंदर आया और विक्रम की गोद में एक पत्र गिराकर राख बन गया।

​पत्र पर कोई नाम नहीं था, बस एक प्रतीक (Symbol) था—एक आधी खुली हुई आँख।

​पत्र में लिखा था:

"तुमने सिटी लॉर्ड का ध्यान खींचा है। वह तुम्हें कल की 'जंगली शिकार प्रतियोगिता' (Wild Hunt Tournament) में मारने की योजना बना रहा है। लेकिन अगर तुम 'पुस्तकालय के निषिद्ध खंड' (Forbidden Section) में आओ, तो मैं तुम्हें तुम्हारी पत्नियों (मीरा और सेराफिना) का पता बता सकता हूँ। मुझे आधी रात को मिलो।"

​विक्रम ने पत्र को मुट्ठी में भींच लिया और उसे जला दिया।

​"जाल है? या मदद?" विक्रम ने सोचा।

​उसने एलारा को देखा जो गहरी नींद में सो रही थी।

​"कैस्पर," विक्रम ने भूत को आदेश दिया। "एलारा का ध्यान रखना। अगर कोई अंदर आने की कोशिश करे, तो उसे डराकर मार देना।"

​"जी मालिक!" कैस्पर ने सलाम ठोंका।

​विक्रम ने खिड़की खोली और अंधेरे में गायब हो गया। खेल अब और भी गहरा होने वाला था।

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