वह आकृति, जो बिल्कुल आर्यन की तरह दिख रही थी, एक कदम और आगे बढ़ी। टॉर्च की आखिरी झिलमिलाती रोशनी उसके चेहरे पर पड़ी। वह चेहरा मांसहीन था, जैसे किसी ने उसे एसिड से जला दिया हो, लेकिन उसकी आवाज़... उसकी आवाज़ बिल्कुल आर्यन जैसी ही गहरी और शांत थी।
"रिया, पीछे हटो!" आर्यन ने चिल्लाकर उसे अपने पीछे धकेला। उसका अपना गला सूख रहा था। अपनी ही छवि को इस भयावह रूप में देखना किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था।
"तुम इसे भागने के लिए कह रहे हो, आर्यन?" उस आकृति के बिना होंठों वाले मुँह से शब्दों की जगह एक घिनौनी सरसराहट निकली। "लेकिन तुम जानते हो कि यहाँ से बाहर जाने का रास्ता तभी खुलेगा जब तुम उस 'सौदा' को पूरा करोगे जो तुम्हारे पूर्वजों ने साठ साल पहले इसी कमरे में किया था।"
मौत का सन्नाटा और पुरानी यादें
अचानक कमरे का तापमान गिर गया। आर्यन और रिया की साँसें सफेद धुएँ की तरह दिखाई देने लगीं। तिजोरी से निकल रही आवाज़ अब एक चीख में बदल गई थी—एक ऐसी चीख जो इंसानी नहीं लग रही थी।
रिया ने आर्यन का हाथ इतनी ज़ोर से पकड़ा कि उसके नाखून आर्यन की खाल में गड़ गए। "आर्यन, देखो! तिजोरी के अंदर से कुछ निकल रहा है!"
तिजोरी के फटे हुए कागज़ों के बीच से एक काला, गाढ़ा तरल पदार्थ (Ooze) बाहर बहने लगा था। वह फर्श पर फैलते हुए उन दोनों के पैरों की ओर बढ़ रहा था। वह खून नहीं था, बल्कि वह कुछ ऐसा था जो रोशनी को भी निगल रहा था।
रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा
आर्यन ने घबराकर उन तस्वीरों को उठाया जो तिजोरी से गिरी थीं। जैसे ही उसने दूसरी तस्वीर पलटी, उसका दिल धड़कना भूल गया। तस्वीर में एक छोटा बच्चा एक बूढ़े आदमी का हाथ पकड़कर खड़ा था। बच्चे के गले में वही ताबीज था जो इस वक्त आर्यन ने पहन रखा था। लेकिन डरावनी बात यह थी कि उस बूढ़े आदमी के चेहरे की जगह सिर्फ एक काला धब्बा था।
तस्वीर के पीछे खून जैसी स्याही से लिखा था:
"उसे वापस मत लाना, जिसे तुमने कभी विदा ही नहीं किया।"
आर्यन के दिमाग में यादों का एक विस्फोट हुआ। उसे याद आया कि बचपन में उसकी माँ उसे हमेशा एक बंद कमरे से दूर रहने को कहती थी। क्या यह वही कमरा था? क्या इस हवेली का इतिहास उसके अपने परिवार से जुड़ा था?
रूह कंपा देने वाला मोड़
तभी, वह हमशक्ल आकृति गायब हो गई। लेकिन उसकी जगह दीवार पर एक बड़ी परछाईं उभरी। वह परछाईं आर्यन की नहीं थी। वह परछाईं किसी ऐसी चीज़ की थी जिसके आठ पैर थे और वह छत से लटक रही थी।
"रिया, ऊपर मत देखना!" आर्यन चिल्लाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
रिया की नज़रें छत की ओर उठीं और उसकी आवाज़ उसके गले में ही फंस गई। ऊपर छत पर हज़ारों की तादाद में पुरानी तस्वीरें चिपकी हुई थीं, और हर तस्वीर में रिया और आर्यन की मौत के अलग-अलग तरीके दिखाए गए थे। किसी में वे जल रहे थे, किसी में वे डूब रहे थे।
"यह... यह हमारी किस्मत नहीं है," आर्यन ने दांत पीसते हुए कहा। "यह एक जाल है।"
अचानक फर्श का वह काला तरल पदार्थ तेज़ी से ऊपर उठा और उसने रिया के पैरों को जकड़ लिया। "आर्यन! बचाओ मुझे!" रिया ने चीख मारी, लेकिन वह तरल पदार्थ उसे फर्श के अंदर खींच रहा था—जैसे फर्श कंक्रीट का नहीं, बल्कि दलदल का बना हो।वह आकृति, जो बिल्कुल आर्यन की तरह दिख रही थी, एक कदम और आगे बढ़ी। टॉर्च की आखिरी झिलमिलाती रोशनी उसके चेहरे पर पड़ी। वह चेहरा मांसहीन था, जैसे किसी ने उसे एसिड से जला दिया हो, लेकिन उसकी आवाज़... उसकी आवाज़ बिल्कुल आर्यन जैसी ही गहरी और शांत थी।
"रिया, पीछे हटो!" आर्यन ने चिल्लाकर उसे अपने पीछे धकेला। उसका अपना गला सूख रहा था। अपनी ही छवि को इस भयावह रूप में देखना किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था।
"तुम इसे भागने के लिए कह रहे हो, आर्यन?" उस आकृति के बिना होंठों वाले मुँह से शब्दों की जगह एक घिनौनी सरसराहट निकली। "लेकिन तुम जानते हो कि यहाँ से बाहर जाने का रास्ता तभी खुलेगा जब तुम उस 'सौदा' को पूरा करोगे जो तुम्हारे पूर्वजों ने साठ साल पहले इसी कमरे में किया था।"
मौत का सन्नाटा और पुरानी यादें
अचानक कमरे का तापमान गिर गया। आर्यन और रिया की साँसें सफेद धुएँ की तरह दिखाई देने लगीं। तिजोरी से निकल रही आवाज़ अब एक चीख में बदल गई थी—एक ऐसी चीख जो इंसानी नहीं लग रही थी।
रिया ने आर्यन का हाथ इतनी ज़ोर से पकड़ा कि उसके नाखून आर्यन की खाल में गड़ गए। "आर्यन, देखो! तिजोरी के अंदर से कुछ निकल रहा है!"
तिजोरी के फटे हुए कागज़ों के बीच से एक काला, गाढ़ा तरल पदार्थ (Ooze) बाहर बहने लगा था। वह फर्श पर फैलते हुए उन दोनों के पैरों की ओर बढ़ रहा था। वह खून नहीं था, बल्कि वह कुछ ऐसा था जो रोशनी को भी निगल रहा था।
रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा
आर्यन ने घबराकर उन तस्वीरों को उठाया जो तिजोरी से गिरी थीं। जैसे ही उसने दूसरी तस्वीर पलटी, उसका दिल धड़कना भूल गया। तस्वीर में एक छोटा बच्चा एक बूढ़े आदमी का हाथ पकड़कर खड़ा था। बच्चे के गले में वही ताबीज था जो इस वक्त आर्यन ने पहन रखा था। लेकिन डरावनी बात यह थी कि उस बूढ़े आदमी के चेहरे की जगह सिर्फ एक काला धब्बा था।
तस्वीर के पीछे खून जैसी स्याही से लिखा था:
"उसे वापस मत लाना, जिसे तुमने कभी विदा ही नहीं किया।"
आर्यन के दिमाग में यादों का एक विस्फोट हुआ। उसे याद आया कि बचपन में उसकी माँ उसे हमेशा एक बंद कमरे से दूर रहने को कहती थी। क्या यह वही कमरा था? क्या इस हवेली का इतिहास उसके अपने परिवार से जुड़ा था?
रूह कंपा देने वाला मोड़
तभी, वह हमशक्ल आकृति गायब हो गई। लेकिन उसकी जगह दीवार पर एक बड़ी परछाईं उभरी। वह परछाईं आर्यन की नहीं थी। वह परछाईं किसी ऐसी चीज़ की थी जिसके आठ पैर थे और वह छत से लटक रही थी।
"रिया, ऊपर मत देखना!" आर्यन चिल्लाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
रिया की नज़रें छत की ओर उठीं और उसकी आवाज़ उसके गले में ही फंस गई। ऊपर छत पर हज़ारों की तादाद में पुरानी तस्वीरें चिपकी हुई थीं, और हर तस्वीर में रिया और आर्यन की मौत के अलग-अलग तरीके दिखाए गए थे। किसी में वे जल रहे थे, किसी में वे डूब रहे थे।
"यह... यह हमारी किस्मत नहीं है," आर्यन ने दांत पीसते हुए कहा। "यह एक जाल है।"
अचानक फर्श का वह काला तरल पदार्थ तेज़ी से ऊपर उठा और उसने रिया के पैरों को जकड़ लिया। "आर्यन! बचाओ मुझे!" रिया ने चीख मारी, लेकिन वह तरल पदार्थ उसे फर्श के अंदर खींच रहा था—जैसे फर्श कंक्रीट का नहीं, बल्कि दलदल का बना हो।
