'आयरन-क्लिफ सिटी' अब आज़ाद था, लेकिन जश्न मनाने का समय नहीं था। गॉड-किलर के आखिरी शब्द विक्रम के दिमाग में गूंज रहे थे: 'पाताल का राजा... पांचवां जीन... एक श्राप।'
शहर की एक गुप्त प्रयोगशाला में, आचार्य यू और विक्रम 'स्पेल' (गन-गर्ल) की मरम्मत कर रहे थे। गॉड-किलर ने उसकी बाईं यांत्रिक भुजा को उखाड़ दिया था और उसके कोर को नुकसान पहुँचाया था।
"इसकी हालत नाजुक है," आचार्य यू ने चिंता व्यक्त की। "इसका एआई कोर अस्थिर हो रहा है। अजीब बात यह है कि... इसके सिस्टम में कुछ ऐसे डेटा खंड (Data Segments) सक्रिय हो रहे हैं जो मैंने कभी प्रोग्राम ही नहीं किए थे।"
विक्रम ने 'पृथ्वी जीन' (Earth Gene) का उपयोग करके एक नई, मजबूत धातु की भुजा बनाई और उसे स्पेल के कंधे से जोड़ा।
"स्पेल, तुम ठीक हो?" विक्रम ने पूछा।
स्पेल की आँखें टिमटिमाईं। पहले लाल, और फिर अचानक... गहरी बैंगनी (Deep Purple) हो गईं।
"मास्टर..." उसकी आवाज़ में हमेशा वाली यांत्रिक खनक नहीं थी, बल्कि एक अजीब सी गहराई थी, जैसे कोई बहुत दूर से बोल रहा हो। "मुझे... ठंड लग रही है। और अंधेरा... अंधेरा मुझे बुला रहा है।"
विक्रम का माथा ठनका। एक मशीन को ठंड कैसे लग सकती है?
"हम 'भूतिया घाटी' (Ghost Valley) जा रहे हैं," विक्रम ने निर्णय लिया। "शायद वहाँ तुम्हारे सवालों का जवाब मिले।"
भूतिया घाटी का द्वार (The Gate of Ghost Valley)
यह सभ्यता का अंतिम छोर था। यहाँ की ज़मीन बंजर और ग्रे रंग की थी। हवा में सड़े हुए फूलों और पुरानी कब्रों की गंध थी। सूरज की रोशनी यहाँ तक पहुँचते-पहुँचते धुंधली हो जाती थी।
विक्रम अपनी टीम के साथ खड़ा था: तीनों रानियां (मीरा, सेराफिना, एलारा), आचार्य यू, और कंधे पर बैठी स्पेल।
"यह जगह..." एलारा (फॉरेस्ट एल्फ) ने अपनी नाक सिकोड़ी। "यहाँ जीवन ऊर्जा बिल्कुल शून्य है। यह प्रकृति का कब्रिस्तान है।"
मीरा ने अपना त्रिशूल कस लिया। "मुझे यहाँ पानी की एक बूंद भी महसूस नहीं हो रही।"
सेराफिना के पंख थोड़े सिकुड़ गए। "यहाँ की हवा में 'पवित्रता' नहीं, बल्कि 'श्राप' है।"
केवल विक्रम सामान्य लग रहा था। उसका 'वॉयड जीन' (शून्य/अंधकार) इस माहौल में घर जैसा महसूस कर रहा था। और अजीब बात यह थी कि स्पेल भी शांत थी, उसकी बैंगनी आँखें घाटी के अंधेरे को घूर रही थीं।
"आगे बढ़ते हैं," विक्रम ने नेतृत्व किया।
जैसे ही उन्होंने घाटी में कदम रखा, तापमान शून्य से नीचे चला गया। यह शारीरिक ठंड नहीं थी, बल्कि आत्मा को जमा देने वाली ठंड थी।
हवा में पारदर्शी, रोती हुई आकृतियां (Spirits) तैर रही थीं। वे भटकती आत्माएं थीं जो पाताल लोक में प्रवेश नहीं कर पाई थीं।
"इन्हें छूना मत," आचार्य यू ने चेतावनी दी। "ये जीवन ऊर्जा को चूस लेती हैं।"
अचानक, स्पेल विक्रम के कंधे से उड़कर हवा में तैरने लगी। वह उन आत्माओं की ओर बढ़ी।
"स्पेल, वापस आओ!" विक्रम चिल्लाया।
लेकिन स्पेल ने नहीं सुना। वह एक भटकती आत्मा के पास गई और अपना छोटा हाथ आगे बढ़ाया। आत्मा ने उस पर हमला नहीं किया। इसके बजाय, आत्मा ने स्पेल के हाथ को छुआ और स्पेल के यांत्रिक शरीर में समा गई।
बज़ज़ज़!
स्पेल का शरीर कांपने लगा। उसकी धातु की त्वचा पर अजीब से प्राचीन, बैंगनी रंग के 'रन' (Runes) उभरने लगे जो किसी एलायंस की भाषा में नहीं थे।
"यह क्या भाषा है?" आचार्य यू हैरान थे। "यह तो... यह तो 'मृतकों की भाषा' (Tongue of the Dead) है, जो हज़ारों साल पहले विलुप्त हो चुकी है!"
पाताल का प्रवेश द्वार (Entrance to the Netherworld)
वे घाटी के अंत तक पहुँचे। सामने एक विशालकाय दरवाजा था जो किसी जानवर की हड्डियों और काली चट्टानों से बना था। दरवाजे पर दो विशालकाय कंकाल प्रहरी (Skeleton Guards) खड़े थे, जिनकी आँखों में नीली आग जल रही थी।
[प्रहरी: नेदर-गार्ड्स (Nether-Guards) - म्यूटेंट स्तर]
"जीवितों का प्रवेश वर्जित है," प्रहरियों ने अपनी खड़खड़ाती आवाज़ में कहा और अपनी जंग लगी तलवारें उठा लीं।
विक्रम लड़ने के लिए तैयार हुआ, लेकिन स्पेल उससे पहले आगे बढ़ गई।
वह अब छोटी गन-गर्ल नहीं लग रही थी। उसके चारों ओर बैंगनी ऊर्जा का एक प्रभामंडल (Aura) था। उसकी यांत्रिक पोशाक अब एक प्राचीन, शाही कवच जैसी दिख रही थी।
स्पेल ने प्रहरियों की ओर देखा और उस अजीब, प्राचीन भाषा में कुछ कहा। उसकी आवाज़ में एक ऐसा अधिकार था जिसने हवा को भी रोक दिया।
खड़-खड़-खड़...
कंकाल प्रहरी अचानक रुक गए। उनकी आँखों की नीली आग बुझ गई और वे स्पेल के सामने घुटनों के बल बैठ गए।
"राजकुमारी..." प्रहरियों ने सिर झुकाकर कहा। "आप... आप वापस आ गईं?"
विक्रम, आचार्य यू और तीनों रानियां सन्न रह गईं।
"राजकुमारी?" विक्रम ने स्पेल की ओर देखा। "स्पेल, यह क्या हो रहा है?"
स्पेल धीरे-धीरे मुड़ी। उसकी बैंगनी आँखों में अब पुरानी यादों का तूफान था। उसे सब याद आ गया था।
वह कोई एआई (AI) नहीं थी।
सदियों पहले, पाताल लोक (Netherworld) पर एक महान राजा का शासन था। उसकी एक बेटी थी, जिसकी आत्मा में अकल्पनीय शक्ति थी। लेकिन एक विद्रोह में, राजा मारा गया और राजकुमारी की सुरक्षा के लिए उसकी आत्मा को एक यांत्रिक कोर में सील करके मानव दुनिया में भेज दिया गया था। वह कोर समय के साथ 'स्पेल' बन गया।
"मेरा नाम स्पेल नहीं है, मास्टर," उसने अपनी नई, भारी आवाज़ में कहा। "मेरा नाम 'नेफारा' (Nephara) है। मैं इस पाताल लोक की आखिरी वारिस हूँ।"
उसने हड्डियों के दरवाजे की ओर इशारा किया।
"और जिसे आप 'पांचवां जीन' कह रहे हैं... वह कोई वस्तु नहीं है। वह मेरे पिता का 'हृदय' है, जो इस दरवाजे के पीछे, पाताल के वर्तमान शासक—'द सोल ईटर' (The Soul Eater)—के कब्जे में है।"
स्पेल (नेफारा) विक्रम के पास आई और उसका हाथ पकड़ा। उसका स्पर्श अब धातु जैसा ठंडा नहीं, बल्कि बर्फ जैसा ठंडा था।
"आपको वह जीन चाहिए, और मुझे मेरा सिंहासन," नेफारा ने कहा। "क्या आप मेरे लिए पाताल के राजा से लड़ेंगे, मेरे राजकुमार?"
विक्रम मुस्कुराया। उसने सोचा था कि उसे एक जीन ढूंढना है, लेकिन उसे तो एक पूरी की पूरी खोई हुई रानी मिल गई।
"मेरे हरम में एक 'पाताल की रानी' की कमी थी," विक्रम ने अपना हेलमेट पहना। "चलो, तुम्हारे घर वापस चलते हैं।"
हड्डियों का दरवाजा एक भयानक आवाज़ के साथ खुल गया, और सामने पाताल लोक का अंधेरा साम्राज्य फैला था।
