सफेद रोशनी सब कुछ निगल गई थी। पाताल लोक, पृथ्वी, मित्र, शत्रु... सब कुछ एक झटके में गायब हो गया।
विक्रम को लगा जैसे उसके शरीर को एक मिक्सी में डालकर पीस दिया गया हो। उसके पांचों जीन (शून्य, समय, आकाश, पृथ्वी, आत्मा) उसके शरीर को फटने से बचाने के लिए पागलों की तरह काम कर रहे थे।
[चेतावनी: आयामी स्थानांतरण (Dimensional Transfer) प्रगति पर...]
[लक्ष्य: दूसरा भगवान का अभयारण्य (Second God's Sanctuary)]
[ऊर्जा स्तर: अत्यधिक उच्च।]
[गंभीर त्रुटि! 'आकाशीय आँख' (Celestial Eye) के हमले के कारण टेलीपोर्टेशन निर्देशांक (Coordinates) बिखर गए हैं!]
"निर्देशांक बिखर गए?" विक्रम की चेतना (Consciousness) धुंधली हो रही थी। "मेरी रानियां... मीरा! सेराफिना! एलारा! नेफारा!"
उसने अंधेरे शून्य (Void) में हाथ बढ़ाया। उसे उंगलियों के पोरों पर मीरा के हाथ का स्पर्श महसूस हुआ, लेकिन अगले ही पल एक भयानक अंतरिक्षीय तूफान (Spatial Storm) आया और उन उंगलियों को उससे दूर खींच ले गया।
"स्वामी! हमें ढूंढना!" मीरा की आवाज़ गूंजी और फिर सन्नाटा छा गया।
विक्रम चिल्लाना चाहता था, लेकिन उसकी आवाज़ उसके गले में ही घुट गई। वह अकेला एक अंधेरे सुरंग में गिरता चला गया।
नई दुनिया: बर्फीला बंजर (The Frozen Wasteland)
धड़ाम!
विक्रम का शरीर एक चट्टान से टकराया और बर्फ में जा गिरा। ठंड... इतनी भयानक ठंड कि उसकी 'जेडस्किन' (Jadeskin) भी कांपने लगी। पाताल लोक की ठंड इसके सामने गर्मी जैसी थी।
"उह्ह..." विक्रम ने अपनी आँखें खोलीं।
आसमान नीला नहीं था। वह गहरा ग्रे था, और उसमें दो फीके सूरज टंगे हुए थे। हवा का दबाव (Gravity) पृथ्वी से कम से कम 20 गुना ज्यादा था। एक सामान्य इंसान यहाँ आते ही पिचक कर मर जाता।
विक्रम ने उठने की कोशिश की, लेकिन उसे लगा जैसे उसके ऊपर पहाड़ रखा हो।
[सिस्टम रीबूट सफल।]
[स्थान: दूसरा अभयारण्य - उत्तरी हिमखंड (Northern Ice Field)]
[स्थिति विश्लेषण:]
शारीरिक स्थिति: गंभीर रूप से घायल (रिकवरी मोड चालू)।
जीन स्थिति: 'ओरिजिन गॉड' मोड निष्क्रिय (ऊर्जा की कमी)।
साथी: कोई नहीं। (लिंक टूट गया)
"सब... सब चले गए?" विक्रम ने बर्फ पर मुक्का मारा। बर्फ में दरार पड़ गई।
उसने अपने सीने पर हाथ रखा। वहां पांचवें जीन (नेफारा के पिता का हृदय) की गर्मी अभी भी थी, लेकिन नेफारा गायब थी। मीरा, सेराफिना, एलारा... सब अलग-अलग दिशाओं में फेंक दी गई थीं।
"वह आँख..." विक्रम की आँखों में प्रतिशोध की आग जल उठी। "उस देवता ने मेरे परिवार को तोड़ा है। मैं इस 'दूसरे अभयारण्य' को तहस-नहस कर दूंगा, हर कोने को छान मारूंगा, और जब तक वे मुझे नहीं मिलतीं, मैं रुकूंगा नहीं।"
उसने खड़े होने की कोशिश की। उसका शरीर दर्द से कराह रहा था, लेकिन उसकी हड्डियों में मौजूद 5 मूल-स्रोत जीनों ने उसे गिरने नहीं दिया। इस नई दुनिया का दबाव उसे कमजोर नहीं बना रहा था, बल्कि उसे 'संसाधित' (Refine) कर रहा था।
शिकारी और शिकार (The Hunter and the Prey)
तभी, हवा में सरसराहट हुई।
विक्रम का 'डोंगशुआन सूत्र' (जो अब उसकी छठी इंद्रिय बन चुका था) सक्रिय हुआ।
"दुश्मन।"
बर्फ के टीले के पीछे से पांच आकृतियां निकलीं। वे इंसान थे, लेकिन उन्होंने अजीबोगरीब चमकते हुए फर वाले कपड़े पहने थे। उनके हाथों में जो हथियार थे, वे धातु के नहीं, बल्कि जानवरों की हड्डियों और आत्माओं से बने लग रहे थे।
"अरे देखो!" उनमें से एक ने इशारा किया। "आसमान से कुछ गिरा है। मुझे लगा कोई 'उल्कापिंड' (Meteorite) होगा, लेकिन यह तो एक भिखारी है।"
दूसरा आदमी, जो उनका लीडर लग रहा था, आगे आया। उसने एक भारी तलवार कंधे पर रखी हुई थी।
"भिखारी नहीं," लीडर ने विक्रम के फटे हुए कवच (जो पाताल की लड़ाई में नष्ट हो गया था) को देखा। "यह एक 'नवागंतुक' (Newcomer) है। पहले अभयारण्य से अभी-अभी आया है। बेचारा, आते ही 'हिमखंड' में गिर गया। इसकी किस्मत खराब है।"
तीसरी एक महिला थी, जिसने हिकारत से नाक सिकोड़ी। "इसे छोड़ो, बॉस। हमारे पास समय नहीं है। हमें उस 'स्नो-फॉक्स' (Snow Fox) को पकड़ना है। यह कचरा तो वैसे भी ठंड से मर जाएगा।"
विक्रम चुपचाप उन्हें देख रहा था। उसे उनकी भाषा समझ आ रही थी (सिस्टम अनुवादक के कारण)। वे उसे कमजोर समझ रहे थे।
"ए लड़के!" लीडर ने विक्रम की ओर एक तांबे का सिक्का फेंका। "अगर जिंदा रहना चाहता है, तो हमारे लिए चारा (Bait) बन जा। आगे एक गुफा है जहाँ एक जानवर छिपा है। तू अंदर जा और उसे बाहर निकाल। अगर तू बच गया, तो हम तुझे अपने नौकर के रूप में रख लेंगे।"
विक्रम ने उस सिक्के को देखा जो बर्फ में पड़ा था। फिर उसने लीडर की आँखों में देखा।
उसकी निगाहों में जो शून्यता (Void) थी, उसे देखकर लीडर एक पल के लिए सहम गया।
"नौकर?" विक्रम ने अपनी टूटी-फूटी आवाज़ में कहा। "तुम्हें लगता है तुम मुझे आदेश दे सकते हो?"
लीडर को गुस्सा आ गया। "जुबान लड़ाता है? तुझे पता है मैं कौन हूँ? मैं 'ब्लैक-आयरन' (Black Iron) कबीले का योद्धा हूँ! मेरी शारीरिक शक्ति 500 के पार है!"
(नोट: पहले अभयारण्य में 100 अधिकतम था, यहाँ 500 सामान्य है। पावर स्केल बदल गया है।)
"500?" विक्रम ने धीरे से अपनी धूल झाड़ी। "प्यारा नंबर है।"
लीडर ने अपनी तलवार उठाई। "मरने की जल्दी है तुझे!"
उसने विक्रम की गर्दन पर वार किया। यह वार इतना तेज था कि हवा चीरने की आवाज़ आई।
विक्रम अपनी जगह से नहीं हिला। उसने बस अपना बायां हाथ उठाया।
खन्न!
तलवार विक्रम की हथेली से टकराई और... रुक गई। विक्रम ने नंगे हाथ से उस भारी तलवार की धार को पकड़ लिया था। खून की एक बूंद भी नहीं गिरी।
"क्या?!" लीडर की आँखें बाहर निकल आईं। "नंगे हाथ? यह 'आइस-स्टील' की तलवार है!"
विक्रम ने अपनी पकड़ कस ली।
कड़क... टूटना!
उसने उस तलवार के टुकड़े-टुकड़े कर दिए।
"तुम लोग 'शिकारी' हो?" विक्रम ने एक कदम आगे बढ़ाया। उसके शरीर से पांच रंगों की एक हल्की सी आभा (Aura) निकली जिसने आसपास की बर्फ को पिघला दिया।
"गलत। तुम लोग अब 'लंच' हो।"
विक्रम को अपनी ऊर्जा वापस पाने के लिए उच्च-स्तरीय मांस की ज़रूरत थी। और इस नई दुनिया में, इंसान भी दुश्मन ही थे।
बाकी चार लोग डर के मारे पीछे हटने लगे। "यह... यह नवागंतुक नहीं है! यह कोई राक्षस है!"
"भागो!"
लेकिन विक्रम ने 'थंडर-डैश' (Thunder Dash) का इस्तेमाल किया। भले ही इस दुनिया के दबाव ने उसकी गति धीमी कर दी थी, फिर भी वह इन लोगों के लिए अदृश्य था।
एक पल में, पांचों लोग बर्फ पर गिरे हुए थे। मरे नहीं, लेकिन बुरी तरह घायल और बेहोश। विक्रम ने उन्हें मारा नहीं था। उसे जानकारी चाहिए थी।
उसने लीडर की गर्दन पकड़ी और उसे हवा में उठाया।
"मुझे नक्शा चाहिए," विक्रम ने ठंडे स्वर में कहा। "और मुझे बताओ कि इस दुनिया में सबसे ताकतवर लोग कहाँ रहते हैं। मुझे अपनी पत्नियों को ढूंढना है, और अगर किसी ने उन्हें हाथ भी लगाया..."
उसने दूर क्षितिज की ओर देखा, जहाँ एक विशालकाय तैरता हुआ शहर (Floating City) दिखाई दे रहा था।
"...तो मैं इस पूरी दुनिया को श्मशान बना दूँगा।"
